सीतामढ़ी : शहर की सड़कों और मोहल्लों में इन दिनों आवारा कुत्तों का झुंड खुलेआम घूम रहा है। आए दिन बच्चों, महिलाओं और राहगीरों पर इनके हमले की घटनाएँ सामने आ रही हैं। आवारा कुत्तों की निगरानी शहर में नगर प्रशासन और पशु चिकित्सा विभाग को करनी है लेकिन दोनों उदासीन है।
शहरवासियों का कहना है कि नगर निगम के पास न तो डॉग कैचर टीम है और न ही बंध्याकरण केंद्र। नतीजा यह है कि कुत्तों की संख्या अनियंत्रित रूप से बढ़ रही है और नगर निगम तमाशबीन बना हुआ है।
स्थानीय लोगों ने नगर निगम की कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए कहा कि केवल टैक्स वसूलने में निगम सक्रिय दिखता है, लेकिन जनहित के मुद्दों पर पूरी तरह उदासीन है। कुत्तों के आतंक से परेशान नागरिकों ने जिला प्रशासन और नगर निगम से तुरंत ठोस कदम उठाने की मांग की है।